कुरान - 20:6 सूरह ता-हा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

6
لَهُۥ مَا فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَمَا فِي ٱلۡأَرۡضِ وَمَا بَيۡنَهُمَا وَمَا تَحۡتَ ٱلثَّرَىٰ

Transliteration: (Lahoo maa fis samaawaati wa maa fil ardi wa maa bainahumaa wa maa tahtassaraa)

6. उसी का है जो कुछ आसमानों में है और जो कुछ ज़मीन में है और जो कुछ इन दोनों के दरमियान है और जो कुछ गीली मिट्टी (ज़मीन की तहों) के नीचे है। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह ता-हा आयत 6 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह ता-हा — आयत 6 की तफ़सीर

"उसी का है जो कुछ आसमानों में है और जो कुछ ज़मीन में है और जो कुछ इन दोनों के दरमियान है और जो कुछ गीली मिट्टी के नीचे है।"

पूरी कायनात की मुकम्मल मिलकियत

आसमानों की बुलन्दियों से लेकर ज़मीन की गहराइयों और पाताल तक की हर चीज़ सिर्फ़ और सिर्फ़ अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त की मिल्कियत है। कायनात का कोई ज़र्रा उसके इल्म और क़ुदरत से बाहर नहीं है।

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