कुरान - 20:4 सूरह ता-हा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

4
تَنزِيلٗا مِّمَّنۡ خَلَقَ ٱلۡأَرۡضَ وَٱلسَّمَٰوَٰتِ ٱلۡعُلَى

Transliteration: (Tanzeelam mimman khalaqal arda was samaawaatil 'ulaa)

4. यह उस ज़ात की तरफ़ से ब-तदरीज उतारा गया है जिसने ज़मीन और बुलंद आसमानों को पैदा किया [5] । (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह ता-हा आयत 4 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह ता-हा — आयत 4 की तफ़सीर

"यह उस ज़ात की तरफ़ से ब-तदरीज उतारा गया है जिसने ज़मीन और बुलंद आसमानों को पैदा किया [5]।"

[5] कायनात के ख़ालिक़ की तरफ़ से नुज़ूल

यहाँ माद्दी दुनिया (आलम-ए-अजसाम) का ज़िक्र है। चूंकि ज़मीन हमारे सबसे करीब है और आसमान हमसे दूर है, इसलिए पहले ज़मीन का ज़िक्र फ़रमाया गया क्योंकि इंसान ज़मीन का मुशाहदा ज़्यादा क़रीब से करता है।

यह तरतीब इलाही हिकमत को ज़ाहिर करती है, जिसमें पहले क़रीबी और समझ में आने वाली नेमतों की तरफ़ तवज्जोह दिलाई गई, फिर बुलंद व बाला आसमानों की वुसअत का बयान हुआ।

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