कुरान - 20:95 सूरह ता-हा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

95
قَالَ فَمَا خَطۡبُكَ يَٰسَٰمِرِيُّ

Transliteration: (Qaala famaa khatbuka yaa Saamiriyy)

95. मूसा ने फ़रमाया, 'अब तेरा क्या मामला है ऐ सामरी?' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह ता-हा आयत 95 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह ता-हा — आयत 95 की तफ़सीर

"मूसा ने फ़रमाया, 'अब तेरा क्या मामला है ऐ सामरी?' "

सामरी से इस्तिफ़सार

हज़रत मूसा ने अस्ल मुजरिम सामरी की तरफ़ रुख़ किया कि तूने यह हलाकत-ख़ेज़ साज़िश क्यों रची?

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