Transliteration: (Iz arsalnaaa ilaihimusnaini fakazzaboohumaa fa'azzaznaa bisaalisin faqaalooo innaaa ilaikum mursaloon)
"जब हमने उनकी तरफ़ दो रसूल भेजे [17] [18], तो उन्होंने दोनों को झुठला दिया [19], फिर हमने तीसरे के ज़रिये ताक़त बख़्शी [20]; पस उन सबने कहा: 'बेशक हम तुम्हारी तरफ़ रसूल बनाकर भेजे गए हैं!'"
अल्लाह तआला ने अहले अंताकिया की हिदायत के लिए हज़रत ईसा अलैहिस्सलाम के हवारियों में से दो बुज़ुर्गों (हज़रत सादिक़ और सदूक़) को रसूल बनाकर भेजा।
उस बस्ती के सरकश लोगों ने हक़ की बात मानने से इंकार कर दिया और दोनों पैग़ंबरों की तकज़ीब की और उन पर ज़ुल्म ढाना शुरू किया।
अल्लाह तआला ने उनकी मदद और ताईद के लिए तीसरे रसूल (हज़रत शमऊन) को भेजा। तीनों ने मिलकर एक ज़बान होकर दावत दी कि हम तुम्हारे पास अल्लाह की तरफ़ से भेजे गए हैं, बुतपरस्ती छोड़ो और एक ख़ुदा की इबादत करो।
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