कुरान - 36:12 सूरह या-सीन अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

12
إِنَّا نَحۡنُ نُحۡيِ ٱلۡمَوۡتَىٰ وَنَكۡتُبُ مَا قَدَّمُواْ وَءَاثَٰرَهُمۡۚ وَكُلَّ شَيۡءٍ أَحۡصَيۡنَٰهُ فِيٓ إِمَامٖ مُّبِينٖ

Transliteration: (Innaa Nahnu nuhyil mawtaa wa naktubu maa qaddamoo wa aasaarahum; wa kulla shai'in ahsainaahu feee Imaamim Mubeen)

बेशक हम मुर्दों को ज़िंदा करते हैं और जो कुछ उन्होंने आगे भेजा [13] और जो अपने पीछे निशान छोड़ गए [14] उसे लिख रहे हैं; और हर चीज़ को हमने एक रौशन किताब (लौहे महफ़ूज़) में गिन रखा है [15]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह या-सीन आयत 12 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह या-सीन तफ़सीर - आयत 12

"बेशक हम मुर्दों को ज़िंदा करते हैं और जो कुछ उन्होंने आगे भेजा [13] और जो अपने पीछे निशान छोड़ गए [14] उसे लिख रहे हैं; और हर चीज़ को हमने एक रौशन किताब में गिन रखा है [15]!"

[13] मुर्दों का ज़िंदा होना — आमाल का इंदिराज

अल्लाह तआला ही मुर्दों को दोबारा ज़िंदा फ़रमाएगा। आयत में फ़रमाया: 'हम लिख रहे हैं' — हालाँकि लिखने वाले फ़रिश्ते (किरामन कातिबीन) हैं, मगर अल्लाह ने इस अमल को अपनी तरफ़ मंसूब फ़रमाया ताकि आमाल की हिफ़ाज़त और उनकी अज़मत ज़ाहिर हो।

[14] आमाल के मुसलसल असरात (सुन्नते हसना व सय्यिआ)

यहाँ दो क़िस्म के आमाल का इंदिराज ज़िक्र हुआ है:

  1. इंसान के वे आमाल जो उसने अपनी ज़िंदगी में किए (नमाज़, रोज़ा, ख़ैरात)।
  2. वे असरात व रिवाजात (आसार) जो वह दुनिया में पीछे छोड़ गया। अगर किसी ने नेक तरीक़ा (सुन्नते हसना) जारी किया — जैसे मस्जिद बनाई, मदरसा क़ायम किया, या दीनी इल्म सिखाया — तो क़यामत तक उस पर अमल करने वालों का सवाब उसके नामे आमाल में लिखा जाएगा। और अगर किसी ने बुरा तरीक़ा (सुन्नते सय्यिआ) निकाला, तो उसका वबाल उस पर पड़ेगा।
शाने नुज़ूल: क़बीला बनू सलमा मस्जिदे नबवी से दूर रहता था; उन्होंने मस्जिद के क़रीब मुंतक़िल होने का इरादा किया। हुज़ूर ﷺ ने फ़रमाया: "ऐ बनू सलमा! अपने घरों ही में रहो, मस्जिद की तरफ़ चलने वाले तुम्हारे हर क़दम का सवाब लिखा जाता है!"

[15] इमामे मुबीन (लौहे महफ़ूज़)

'इमामे मुबीन' से मुराद लौहे महफ़ूज़ है जिसमें अज़ल से अबद तक की हर छोटी-बड़ी चीज़, हर ज़र्रे की हरकत और कायनात की पूरी तक़दीर वाज़ेह तौर पर महफ़ूज़ है।

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