कुरान - 36:13 सूरह या-सीन अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

13
وَٱضۡرِبۡ لَهُم مَّثَلًا أَصۡحَٰبَ ٱلۡقَرۡيَةِ إِذۡ جَآءَهَا ٱلۡمُرۡسَلُونَ

Transliteration: (Wadrib lahum masalan Ashaabal Qaryatih; iz jaaa'ahal mursaloon)

और आप उनके सामने एक बस्ती वालों का हाल बयान कीजिए [16], जब वहाँ रसूल आए थे; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह या-सीन आयत 13 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह या-सीन तफ़सीर - आयत 13

"और आप उनके सामने एक बस्ती वालों का हाल बयान कीजिए [16], जब वहाँ रसूल आए थे;"

[16] बस्ती (अंताकिया या रूमिया) का तज़किरा

अल्लाह तआला ने हुज़ूर ﷺ को हुक्म फ़रमाया कि मुशरिकीने मक्का को नसीहत व इबरत के लिए उस मशहूर बस्ती का वाक़िआ सुनाएं जहाँ अल्लाह के रसूल तशरीफ़ लाए थे।

मुफ़स्सिरीन फ़रमाते हैं कि यह बस्ती अंताकिया (Antioch) थी जो शाम की हुदूद में एक बहुत बड़ा, बारह मील चौड़ा क़िला-बंद शहर था, जिसके चारों तरफ़ पहाड़, चश्मे और मज़बूत फ़सीलें थीं, और वहाँ के लोग बुतपरस्त थे (ख़ज़ाइनुल इरफ़ान)। बाज़ ने इसे रूमिया भी कहा है। इस वाक़िए में रसूलों की तकज़ीब करने वालों का दर्दनाक अंजाम बयान किया गया है।

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