Transliteration: (Wa ja'alnaa feehaa jannaatim min nakheelinw wa a'naabinw wa fajjarnaa feeha minal 'uyoon)
"और हमने उसमें खजूरों और अंगूरों के बाग़ात बनाए, और उसमें चश्मे जारी कर दिए [48];"
अल्लाह ने ज़मीन में खजूर और अंगूर जैसे मुक़द्दस व मुफ़ीद फलों के बाग़ लगाए और मीठे पानी के चश्मे बहाए। रूहानी ऐतबार से नुबुव्वत की बारिश से शरीअत के बाग़ात लहलहाते हैं और तरीक़त के चश्मे फूटते हैं। उलमा व औलिया-ए-किराम इन रूहानी चश्मों की तरह हैं जिनसे प्यासी रूहें सैराब होती हैं।
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