कुरान - 36:36 सूरह या-सीन अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

36
سُبۡحَٰنَ ٱلَّذِي خَلَقَ ٱلۡأَزۡوَٰجَ كُلَّهَا مِمَّا تُنۢبِتُ ٱلۡأَرۡضُ وَمِنۡ أَنفُسِهِمۡ وَمِمَّا لَا يَعۡلَمُونَ

Transliteration: (Subhaanal lazee khalaqal azwaaja kullahaa mimmaa tumbitul ardu wa min anfusihim wa mimmaa laa ya'lamoon)

पाक है वह ज़ात जिसने तमाम चीज़ों के जोड़े बनाए [51], उन चीज़ों में से भी जिन्हें ज़मीन उगाती है, और ख़ुद उनकी अपनी जिंस में से भी [52], और उन चीज़ों में से भी जिन्हें वे नहीं जानते [53]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह या-सीन आयत 36 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह या-सीन तफ़सीर - आयत 36

"पाक है वह ज़ात जिसने तमाम चीज़ों के जोड़े बनाए [51], उन चीज़ों में से भी जिन्हें ज़मीन उगाती है, और ख़ुद उनकी अपनी जिंस में से भी [52], और उन चीज़ों में से भी जिन्हें वे नहीं जानते [53]!"

[51] कायनात का निज़ामे अज़वाज (जोड़े)

अल्लाह हर ऐब और साझीदार से पाक है। उसने कायनात की हर मख़्लूक़ में जोड़े पैदा किए — नर व मादा, मीठा व खट्टा, नूर व ज़ुल्मत, शब व रोज़, नफ़ा व नुक़सान। सिर्फ़ अल्लाह तआला ही वाहिद व यकता है जिसका कोई जोड़ या शरीक नहीं।

[52] इंसानों में जोड़े और औलाद की तक्सीम

इंसानों में मर्द व औरत के जोड़े बनाए और जिसे चाहा बेटे दिए, जिसे चाहा बेटियां दीं और जिसे चाहा बे-औलाद रखा; यह सब उसकी मशिय्यत है।

[53] मख़फ़ी कायनात और अनगिनत मख़्लूक़ात

कायनात में ऐसी अनगिनत मख़्लूक़ात, ताक़तें और ज़र्रात हैं जिनका इंसानों को इल्म तक नहीं है (जैसे बिजली के पॉज़िटिव व नेगेटिव पोल्स, माइक्रोब्स आदि)। अल्लाह का इल्म व तख़्लीक़ अथांग है।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now