Transliteration: (Subhaanal lazee khalaqal azwaaja kullahaa mimmaa tumbitul ardu wa min anfusihim wa mimmaa laa ya'lamoon)
"पाक है वह ज़ात जिसने तमाम चीज़ों के जोड़े बनाए [51], उन चीज़ों में से भी जिन्हें ज़मीन उगाती है, और ख़ुद उनकी अपनी जिंस में से भी [52], और उन चीज़ों में से भी जिन्हें वे नहीं जानते [53]!"
अल्लाह हर ऐब और साझीदार से पाक है। उसने कायनात की हर मख़्लूक़ में जोड़े पैदा किए — नर व मादा, मीठा व खट्टा, नूर व ज़ुल्मत, शब व रोज़, नफ़ा व नुक़सान। सिर्फ़ अल्लाह तआला ही वाहिद व यकता है जिसका कोई जोड़ या शरीक नहीं।
इंसानों में मर्द व औरत के जोड़े बनाए और जिसे चाहा बेटे दिए, जिसे चाहा बेटियां दीं और जिसे चाहा बे-औलाद रखा; यह सब उसकी मशिय्यत है।
कायनात में ऐसी अनगिनत मख़्लूक़ात, ताक़तें और ज़र्रात हैं जिनका इंसानों को इल्म तक नहीं है (जैसे बिजली के पॉज़िटिव व नेगेटिव पोल्स, माइक्रोब्स आदि)। अल्लाह का इल्म व तख़्लीक़ अथांग है।
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