कुरान - 10:101 सूरह यूनुस अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

101
قُلِ ٱنظُرُواْ مَاذَا فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِۚ وَمَا تُغۡنِي ٱلۡأٓيَٰتُ وَٱلنُّذُرُ عَن قَوۡمٖ لَّا يُؤۡمِنُونَ

Transliteration: (Qulin zuroo maazaa fissamaawaati wal ard; wa maa tughnil Aayaatu wannuzuru 'an qawmil laa yu'minoon)

कह दीजिए, "देखो कि आसमानों और ज़मीन में क्या कुछ है!" लेकिन निशानियां और चेतावनियां उन लोगों को कोई लाभ नहीं पहुँचातीं जो ईमान नहीं लाना चाहते। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह यूनुस आयत 101 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह यूनुस – आयत 101 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] प्रकृति और कायनात में ईश्वरीय निशानियों का अवलोकन

क़ुरआन इंसानों को विज्ञान, खगोल और प्रकृति का गहराई से अध्ययन करने की दावत देता है—सूरज, चाँद, सितारे, बारिश, पहाड़ और वनस्पति सब अल्लाह की तौहीद की निशानियां हैं। लेकिन जो व्यक्ति पहले से ही न मानने की कसम खा चुका हो, उसके लिए कोई भी निशानी बेअसर रहती है।

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