कुरान - 10:99 सूरह यूनुस अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

99
وَلَوۡ شَآءَ رَبُّكَ لَأٓمَنَ مَن فِي ٱلۡأَرۡضِ كُلُّهُمۡ جَمِيعًاۚ أَفَأَنتَ تُكۡرِهُ ٱلنَّاسَ حَتَّىٰ يَكُونُواْ مُؤۡمِنِينَ

Transliteration: (Wa law shaaa'a Rabbuka la aamana man fil ardi kulluhum jamee'aa; afa anta tukrihun naasa hattaa yakoonoo mu'mineen)

और यदि आपका रब चाहता, तो ज़मीन में जितने लोग हैं वे सब के सब एक साथ ईमान ले आते; तो क्या आप लोगों पर ज़बरदस्ती करेंगे ताकि वे मोमिन बन जाएं? (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह यूनुस आयत 99 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह यूनुस – आयत 99 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] धर्म में कोई ज़बरदस्ती नहीं

अल्लाह चाहता तो सभी इंसानों को फ़रिश्तों की तरह आज्ञाकारी बना देता, लेकिन उसने इंसान को सोचने-समझने और चुनने की आज़ादी देकर इम्तिहान में डाला है। इसलिए रसूल का काम सत्य का पैग़ाम पहुँचाना है, किसी को ज़बरदस्ती मुसलमान बनाना नहीं।

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