कुरान - 10:97 सूरह यूनुस अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

97
وَلَوۡ جَآءَتۡهُمۡ كُلُّ ءَايَةٍ حَتَّىٰ يَرَوُاْ ٱلۡعَذَابَ ٱلۡأَلِيمَ

Transliteration: (Wa law jaaa'at hum kullu Aayatin hattaa yarawul 'azaabal aleem)

भले ही उनके पास हर प्रकार की निशानी आ जाए, यहाँ तक कि वे दर्दनाक अज़ाब को अपनी आँखों से न देख लें। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह यूनुस आयत 97 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह यूनुस – आयत 97 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] अज़ाब के समय तक हठधर्मिता

जिन्हें कुफ़्र की आदत पड़ चुकी हो, वे कितने ही मोजिज़े और दलीलें देख लें, उनका दिल नहीं पसीजता। उनका होश केवल उस समय ठिकाने आता है जब अज़ाब उन्हें घेर लेता है, लेकिन उस समय का पछतावा निरर्थक होता है।

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