कुरान - 10:96 सूरह यूनुस अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

96
إِنَّ ٱلَّذِينَ حَقَّتۡ عَلَيۡهِمۡ كَلِمَتُ رَبِّكَ لَا يُؤۡمِنُونَ

Transliteration: (Innal lazeena haqqat 'alaihim Kalimatu Rabbika laa yu'minoon)

निस्संदेह, जिन लोगों के बारे में आपके रब की बात सिद्ध हो चुकी है, वे कभी ईमान नहीं लाएंगे— (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह यूनुस आयत 96 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह यूनुस – आयत 96 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] हठधर्मियों के दुर्भाग्य का ईश्वरीय निर्णय

अल्लाह अपने सर्वज्ञ ज्ञान से जानता है कि किन लोगों ने हठधर्मिता, अहंकार और बुराई को इस हद तक अपना स्वभाव बना लिया है कि वे किसी भी सूरत में सुधरने वाले नहीं हैं।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now