कुरान - 10:94 सूरह यूनुस अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

94
فَإِن كُنتَ فِي شَكّٖ مِّمَّآ أَنزَلۡنَآ إِلَيۡكَ فَسۡـَٔلِ ٱلَّذِينَ يَقۡرَءُونَ ٱلۡكِتَٰبَ مِن قَبۡلِكَۚ لَقَدۡ جَآءَكَ ٱلۡحَقُّ مِن رَّبِّكَ فَلَا تَكُونَنَّ مِنَ ٱلۡمُمۡتَرِينَ

Transliteration: (Fa in kunta fee shakkin mimmaaa anzalnaaa ilaika fas'alil lazeena yaqra'oonal Kitaaba min qablik; laqad jaaa'akal haqqu mir Rabbika fa laa takoonanna minal mumtareen)

तो यदि आप उस चीज़ के विषय में किसी संदेह में हों जो हमने आपकी ओर उतारी है, तो उन लोगों से पूछ लीजिए जो आपसे पहले से किताब पढ़ते आ रहे हैं। निस्संदेह, आपके रब की ओर से आपके पास सत्य आ चुका है, अतः आप कदापि संदेह करने वालों में से न हों। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह यूनुस आयत 94 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह यूनुस – आयत 94 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] पूर्ववर्ती आसमानी किताबों द्वारा पुष्टि

यहाँ रसूलुल्लाह ﷺ के माध्यम से असल में उम्मत और मुंकिरों को संबोधित किया जा रहा है कि क़ुरआन की सत्यता और पिछली क़ौमों के ऐतिहासिक विवरण इतने प्रामाणिक हैं कि अहले-किताब (यहूदी व ईसाई विद्वान) के सच्चे ग्रंथ भी इसकी तस्दीक़ करते हैं।

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