कुरान - 10:95 सूरह यूनुस अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

95
وَلَا تَكُونَنَّ مِنَ ٱلَّذِينَ كَذَّبُواْ بِـَٔايَٰتِ ٱللَّهِ فَتَكُونَ مِنَ ٱلۡخَٰسِرِينَ

Transliteration: (Wa laa takoonanna minal lazeena kazzaboo bi Aayaatil laahi fatakoona minal khaasireen)

और आप कभी उन लोगों में से न होना जिन्होंने अल्लाह की आयतों को झुठलाया, अन्यथा आप घाटे में रहने वालों में से हो जाएंगे। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह यूनुस आयत 95 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह यूनुस – आयत 95 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] अल्लाह की आयतों को झुठलाने से परहेज़

सत्य के स्पष्ट हो जाने के बाद जो कोई भी अल्लाह की आयतों से मुंह मोड़ता है या उन्हें नकारता है, वह स्वयं अपने लिए दोनों जहानों का स्थायी विनाश और घाटा खरीदता है।

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