Transliteration: (Qul law shaaa'al laahu maa talawtuhoo 'alaikum wa laaa adraakum bihee faqad labistu feekum 'umuran min qablih; afalaa ta'qiloon)
वह्य आने से पहले नबी करीम ﷺ ने चालीस वर्ष मक्का वालों के बीच गुज़ारे थे। पूरा मक्का आपको 'अमीन' (अमानतदार) और 'सादिक़' (सच्चा) मानता था। आपने कभी शायरी या भाषणबाज़ी नहीं की थी। अचानक चालीस वर्ष की आयु में इतना अलौकिक, हिकमत और ज्ञान से परिपूर्ण कलाम प्रस्तुत करना इस बात का खुला सुबूत है कि यह अल्लाह की वह्य है, आपकी अपनी सोच नहीं।
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat