Transliteration: (Wa ya'budoona min doonil laahi maa laa yadurruhum wa laa yanfa'uhum wa yaqooloona haaa'ulaaa'i shufa'aaa 'unaa 'indal laah; qul 'a tunabbi 'oonal laaha bi maa laa ya'lamu fis samaawaati wa laa fil ard; subhaanahoo wa Ta'aalaa 'ammaa yushrikoon)
मूर्तियां, पत्थर और झूठे पूज्य बेजान हैं, वे किसी को न तनिक लाभ दे सकते हैं और न किसी विपत्ति को टाल सकते हैं। बुद्धिहीन होकर उन्हें अपना संरक्षक और पूज्य मानना पूर्णतः मूर्खता है।
मुशरिकीन कहते थे कि ये बुत अल्लाह के यहाँ हमारी सिफ़ारिश करवा देंगे। अल्लाह ने फ़रमाया कि क्या तुम अल्लाह को वह चीज़ सिखा रहे हो जिसके वजूद का अल्लाह को भी पता नहीं? यानी अल्लाह के यहाँ ऐसी कोई सिफ़ारिशी हस्ती नहीं जिसे अल्लाह के मुक़ाबले में मनमानी का अधिकार हो। अल्लाह हर प्रकार के शिर्क से सर्वथा पवित्र है।
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