कुरान - 10:20 सूरह यूनुस अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

20
وَيَقُولُونَ لَوۡلَآ أُنزِلَ عَلَيۡهِ ءَايَةٞ مِّن رَّبِّهِۦۖ فَقُلۡ إِنَّمَا ٱلۡغَيۡبُ لِلَّهِ فَٱنتَظِرُوٓاْ إِنِّي مَعَكُم مِّنَ ٱلۡمُنتَظِرِينَ

Transliteration: (Wa yaqooloona law laaa unzila 'alaihi aayatun mir Rabbihee faqul innamal ghaibu lillaahi fantaziroo innee ma'akum minal muntazireen)

और वे कहते हैं, "उन पर उनके रब की तरफ़ से कोई निशानी (चमत्कार) क्यों नहीं उतारी गई?" कह दीजिए, "ग़ैब (परोक्ष) का ज्ञान तो केवल अल्लाह ही के लिए है; अतः तुम भी प्रतीक्षा करो, मैं भी तुम्हारे साथ प्रतीक्षा करने वालों में हूँ।" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह यूनुस आयत 20 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह यूनुस – आयत 20 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] मनमानी निशानियों की मांग और उसका उत्तर

काफ़िर हठधर्मिता के कारण कहते थे कि नबी अपनी मर्ज़ी से सफ़ा पहाड़ को सोने का बना दें या आसमान से फ़रिश्तों की फ़ौज उतार लाएं। अल्लाह ने फ़रमाया कि मोजिज़े और निशानियां दिखाना नबी के वश में नहीं, बल्कि अल्लाह के अधिकार में है जो ग़ैब का अकेला स्वामी है। सत्य को समझने के लिए क़ुरआन ही सबसे बड़ा जीवित चमत्कार है।

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