कुरान - 10:23 सूरह यूनुस अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

23
فَلَمَّآ أَنجَىٰهُمۡ إِذَا هُمۡ يَبۡغُونَ فِي ٱلۡأَرۡضِ بِغَيۡرِ ٱلۡحَقِّۗ يَـٰٓأَيُّهَا ٱلنَّاسُ إِنَّمَا بَغۡيُكُمۡ عَلَىٰٓ أَنفُسِكُمۖ مَّتَٰعَ ٱلۡحَيَوٰةِ ٱلدُّنۡيَاۖ ثُمَّ إِلَيۡنَا مَرۡجِعُكُمۡ فَنُنَبِّئُكُم بِمَا كُنتُمۡ تَعۡمَلُونَ

Transliteration: (Falammaaa anjaahum izaa hum yabghoona fil ardi bighairil haqq; yaaa aiyuhannaasu innamaa bagh yukum 'alaaa anfusikum mataa'al hayaatid dunyaa thumma ilainaa marji'ukum fanunabbi 'ukum bimaa kuntum ta'maloon)

फिर जब अल्लाह उन्हें बचा लेता है, तो वे तुरंत ज़मीन में नाहक़ सरकशी (बग़ावत) करने लगते हैं। ऐ लोगो! तुम्हारी सरकशी का बुरा परिणाम केवल तुम्हारी ही जानों पर पड़ेगा; सांसारिक जीवन का कुछ लाभ उठा लो, फिर हमारे ही पास तुम्हारी वापसी है, उस समय हम तुम्हें बता देंगे जो कुछ तुम करते रहे थे। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह यूनुस आयत 23 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह यूनुस – आयत 23 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] जान बचते ही फिर से सरकशी

समुद्र के ख़तरे से निकलकर ज़मीन पर सुरक्षित क़दम रखते ही इंसान अपने सारे वादे भूल जाता है और दोबारा पाप, शिर्क और ज़ुल्म में लग जाता है।

✅ [2] ज़ुल्म का बदला ज़ालिम पर ही पलटता है

अल्लाह तआला चेतावनी देता है कि तुम्हारी बग़ावत और अन्याय से अल्लाह का कुछ नहीं बिगड़ेगा, बल्कि इसका नुक़सान स्वयं तुम्हें ही भुगतना पड़ेगा। दुनियावी जीवन कुछ दिनों का खेल-तमाशा है, अंततः अल्लाह के सामने पेश होना है जहाँ हर अमल का पूरा बदला मिलेगा।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now