Transliteration: (Wallaahu yad'ooo ilaa daaris salaami wa yahdee many yashaaa'u ilaa Siraatin Mustaqeem)
दुनिया का घर दुखों, बीमारियों, बुढ़ापे और मौत का घर है, जबकि जन्नत को 'दारुस-सलाम' (सलामती का घर) कहा गया है क्योंकि वहाँ किसी प्रकार का भय, दुख, बुढ़ापा, रोग या मृत्यु नहीं होगी। वहाँ केवल अखंड शांति और अल्लाह का दीदार होगा।
अल्लाह सब इंसानों को जन्नत की दावत देता है, लेकिन इस राह पर चलने का तौफ़ीक़ उसी को बख्शता है जो सच्चे दिल से सच्चाई का तलबगार हो और नेक आमाल करे।
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