कुरान - 10:25 सूरह यूनुस अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

25
وَٱللَّهُ يَدۡعُوٓاْ إِلَىٰ دَارِ ٱلسَّلَٰمِ وَيَهۡدِي مَن يَشَآءُ إِلَىٰ صِرَٰطٖ مُّسۡتَقِيمٖ

Transliteration: (Wallaahu yad'ooo ilaa daaris salaami wa yahdee many yashaaa'u ilaa Siraatin Mustaqeem)

और अल्लाह 'दारुस-सलाम' (शांति और सुरक्षा के घर यानी जन्नत) की ओर बुलाता है, और जिसे चाहता है सीधे मार्ग (सिरात-ए-मुस्तक़ीम) की हिदायत देता है। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह यूनुस आयत 25 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह यूनुस – आयत 25 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] 'दारुस-सलाम' (जन्नत) की विशेषता

दुनिया का घर दुखों, बीमारियों, बुढ़ापे और मौत का घर है, जबकि जन्नत को 'दारुस-सलाम' (सलामती का घर) कहा गया है क्योंकि वहाँ किसी प्रकार का भय, दुख, बुढ़ापा, रोग या मृत्यु नहीं होगी। वहाँ केवल अखंड शांति और अल्लाह का दीदार होगा।

✅ [2] सिरात-ए-मुस्तक़ीम (सीधा मार्ग)

अल्लाह सब इंसानों को जन्नत की दावत देता है, लेकिन इस राह पर चलने का तौफ़ीक़ उसी को बख्शता है जो सच्चे दिल से सच्चाई का तलबगार हो और नेक आमाल करे।

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