कुरान - 10:43 सूरह यूनुस अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

43
وَمِنۡهُم مَّن يَنظُرُ إِلَيۡكَۚ أَفَأَنتَ تَهۡدِي ٱلۡعُمۡيَ وَلَوۡ كَانُواْ لَا يُبۡصِرُونَ

Transliteration: (Wa minhum mai yanzuru ilaik; afa anta tahdil 'umya wa law kaanoo laa yubsiroon)

और उनमें से कुछ ऐसे हैं जो आपकी ओर देखते हैं; तो क्या आप अंधों को रास्ता दिखाएंगे, भले ही वे कुछ भी न देखते हों? (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह यूनुस आयत 43 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह यूनुस – आयत 43 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] आत्मिक अंधापन

वे रसूलुल्लाह ﷺ के पवित्र चरित्र, सच्चाई और मोजिज़ों को अपनी आँखों से देखते हैं, लेकिन पूर्वाग्रह और अहंकार के कारण उनके दिल की आँखें अंधी हो चुकी हैं, इसलिए वे प्रत्यक्ष सत्य को भी देखने से असमर्थ हैं।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now