कुरान - 10:50 सूरह यूनुस अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

50
قُلۡ أَرَءَيۡتُمۡ إِنۡ أَتَىٰكُمۡ عَذَابُهُۥ بَيَٰتًا أَوۡ نَهَارٗا مَّاذَا يَسۡتَعۡجِلُ مِنۡهُ ٱلۡمُجۡرِمُونَ

Transliteration: (Qul 'a ra'aytum in ataakum 'azaabuhoo bayaatan aw nahaaran maazaa yasta'jilu minhul mujrimoon)

कह दीजिए, "ज़रा बताओ तो सही, यदि उसका अज़ाब तुम पर रात में या दिन के समय आ पड़े, तो फिर अपराधी उसमें से किस चीज़ के लिए जल्दी मचा रहे हैं?" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह यूनुस आयत 50 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह यूनुस – आयत 50 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] अज़ाब की जल्दबाज़ी करने पर डांट

अज़ाब कोई खेल नहीं जिसकी फरमाइश की जाए। यदि अचानक सोते हुए रात में या काम करते हुए दिन में अल्लाह की पकड़ आ गई, तो कोई बचने का रास्ता नहीं मिलेगा। फिर यह नादानी क्यों?

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now