कुरान - 10:52 सूरह यूनुस अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

52
ثُمَّ قِيلَ لِلَّذِينَ ظَلَمُواْ ذُوقُواْ عَذَابَ ٱلۡخُلۡدِ هَلۡ تُجۡزَوۡنَ إِلَّا بِمَا كُنتُمۡ تَكۡسِبُونَ

Transliteration: (Thumma qeela lil lazeena zalamoo zooqoo 'azaabal khuldi hal tujzawna illaa bimaa kuntum taksiboon)

फिर ज़ालिमों से कहा जाएगा, "सदा रहने वाले अज़ाब का स्वाद चखो! तुम्हें केवल उसी का बदला दिया जा रहा है जो तुम कमाते रहे थे।" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह यूनुस आयत 52 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह यूनुस – आयत 52 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] हमेशा रहने वाला अज़ाब

दोज़ख़ में काफ़िरों को कहा जाएगा कि यह कभी न ख़त्म होने वाली सज़ा तुम्हारे अपने कुफ़्र, ज़ुल्म और नाफ़रमानी का न्यायसंगत फल है।

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