कुरान - 10:53 सूरह यूनुस अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

53
۞وَيَسۡتَنۢبِـُٔونَكَ أَحَقٌّ هُوَۖ قُلۡ إِي وَرَبِّيٓ إِنَّهُۥ لَحَقّٞۖ وَمَآ أَنتُم بِمُعۡجِزِينَ

Transliteration: (Wa yastanbi'oonaka 'a haqqun huwa qul ee wa Rabbeee innahoo lahaqq; wa maaa antum bimu'jizeen)

और वे आपसे पूछते हैं, "क्या यह (आख़िरत और अज़ाब) वास्तव में सच है?" कह दीजिए, "हाँ! मेरे रब की क़सम! यह बिल्कुल सच है, और तुम (अल्लाह को) बेबस करने वाले नहीं हो।" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह यूनुस आयत 53 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह यूनुस – आयत 53 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] क़सम के साथ आख़िरत की पुष्टि

क़ुरआन में तीन स्थानों पर रसूलुल्लाह ﷺ को अपने रब की क़सम खाकर क़यामत और बदले के दिन की सत्यता का ऐलान करने का हुक्म दिया गया है (सूरह यूनुस: 53, सूरह सबा: 3, सूरह तग़ाबुन: 7)। यह इस बात की गवाही है कि परलोक का आना अटल है।

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