कुरान - 10:55 सूरह यूनुस अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

55
أَلَآ إِنَّ لِلَّهِ مَا فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِۗ أَلَآ إِنَّ وَعۡدَ ٱللَّهِ حَقّٞ وَلَٰكِنَّ أَكۡثَرَهُمۡ لَا يَعۡلَمُونَ

Transliteration: (Alaaa inna lillaahi maa fis samaawaati wal ard; alaaa inna wa'dal laahi haqqunw wa laakinna aksarahum laa ya'lamoon)

सुन लो! निस्संदेह, जो कुछ भी आसमानों और ज़मीन में है वह अल्लाह ही का है। सुन लो! बेशक अल्लाह का वादा सच्चा है, लेकिन उनमें से अधिकतर लोग नहीं जानते। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह यूनुस आयत 55 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह यूनुस – आयत 55 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] अल्लाह का सर्वसत्तावाद और सच्चा वादा

जब पूरी कायनात की मिल्कियत केवल अल्लाह की है, तो वह अपने हर वादे और चेतावनी को पूरा करने पर पूर्ण समर्थ है। अधिकांश लोग अज्ञानता और दुनियावी लालच में इस हक़ीक़त से बेख़बर रहते हैं।

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