Transliteration: (Yaaa aiyuhan naasu qad jaaa'atkum maw'izatun mir Rabbikum wa shifaaa'ul limaa fis sudoori wa hudanw wa rahmatul lil mu'mineen)
क़ुरआन मजीद को इस आयत में चार उपाधियों से सुशोभित किया गया है:
1. मौइज़ह (नसीहत): अच्छाई की प्रेरणा और बुराई से रोकने वाली उत्तम सीख।
2. शिफ़ा (रोगमुक्ति): दिलों की आध्यात्मिक बीमारियों—जैसे शिर्क, निफ़ाक़, शक, अहंकार, ईर्ष्या और लालच—की अचूक दवा।
3. हिदायत (मार्गदर्शन): जीवन के हर मोड़ पर सीधा और सुरक्षित रास्ता दिखाने वाला प्रकाश।
4. रहमत (दया): ईमान लाने वालों के लिए दोनों जहानों में अल्लाह की विशेष कृपा और शांति का साधन।
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