कुरान - 10:56 सूरह यूनुस अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

56
هُوَ يُحۡيِۦ وَيُمِيتُ وَإِلَيۡهِ تُرۡجَعُونَ

Transliteration: (Huwa yuhyee wa yumeetu wa ilaihi turja'oon)

वही जीवन देता है और वही मृत्यु देता है, और उसी की ओर तुम सब लौटाए जाओगे। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह यूनुस आयत 56 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह यूनुस – आयत 56 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] ज़िंदगी और मौत का अकेला मालिक

जीवन का आरंभ और उसका अंत पूर्णतः अल्लाह के हाथ में है। कोई दवा, डाक्टर या शक्ति उसकी मर्ज़ी के बिना एक पल की ज़िंदगी नहीं बढ़ा सकती। अंततः सबको उसी के दरबार में पेश होना है।

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