कुरान - 51:10 सूरह अज़-ज़रियात अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

10
قُتِلَ ٱلۡخَرَّـٰصُونَ

Transliteration: (Qutilal kharraasoon)

हलाकत हो अटकलें दौड़ाने वाले झूठे लोगों पर! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अज़-ज़रियात आयत 10 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अज़-ज़ारियात तफ़सीर - आयत 10

"हलाकत हो अटकलें दौड़ाने वाले झूठे लोगों पर!"


हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि 'ख़र्रासून' उन झूठे और बे-बुनियाद अंदाज़े लगाने वालों को कहा गया है जो बिना किसी इल्म व दलील के दीन, आख़िरत और नबी ﷺ की शान में मनघड़ंत कयासबाज़ियाँ करते हैं और अपनी अटकलों से लोगों को गुमराह करने की कोशिश करते हैं।

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