कुरान - 51:24 सूरह अज़-ज़रियात अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

24
هَلۡ أَتَىٰكَ حَدِيثُ ضَيۡفِ إِبۡرَٰهِيمَ ٱلۡمُكۡرَمِينَ

Transliteration: (Hal ataaka hadeesu daifi Ibraaheemal mukrameen)

(ऐ महबूब!) क्या आपके पास इब्राहीम के इज़्ज़तदार मेहमानों की ख़बर पहुँची है [25]? (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अज़-ज़रियात आयत 24 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अज़-ज़ारियात तफ़सीर - आयत 24

"(ऐ महबूब!) क्या आपके पास इब्राहीम के इज़्ज़तदार मेहमानों की ख़बर पहुँची है [25]?"


[25] हज़रत इब्राहीम के मुअज़्ज़ज़ मेहमान फ़रिश्ते

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं:

  • इससे मुराद दस या बारह मुअज़्ज़ज़ फ़रिश्ते (जिनमें हज़रत जिब्रील, मीकाईल और इस्राफ़ील शामिल थे) हैं जो इंसानी शक्ल में हज़रत इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) की ख़िदमत में हाज़िर हुए थे।
  • वे दो बड़े मक़ासिद लेकर आए थे: पहला हज़रत इब्राहीम को बुढ़ापे में नेक व आलिम बेटे (हज़रत इस्हाक़) की बशारत देना, और दूसरा क़ौम-ए-लूत पर अज़ाब नाज़िल करना।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now