कुरान - 51:27 सूरह अज़-ज़रियात अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

27
فَقَرَّبَهُۥٓ إِلَيۡهِمۡ قَالَ أَلَا تَأۡكُلُونَ

Transliteration: (Faqarrabahooo ilaihim qaala alaa taakuloon)

फिर उसे उनके सामने रखा और फ़रमाया: "क्या आप खाते नहीं?" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अज़-ज़रियात आयत 27 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अज़-ज़ारियात तफ़सीर - आयत 27

"फिर उसे उनके सामने रखा और फ़रमाया: 'क्या आप खाते नहीं?'"


हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि हज़रत इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) ने खाना उनके सामने रखकर निहायत अदब व आजिज़ी से खाने की दावत दी, लेकिन फ़रिश्ते खाने-पीने से पाक होते हैं, इसलिए उन्होंने हाथ नहीं बढ़ाया।

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