कुरान - 51:34 सूरह अज़-ज़रियात अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

34
مُّسَوَّمَةً عِندَ رَبِّكَ لِلۡمُسۡرِفِينَ

Transliteration: (Musawwamatan 'inda rabbika lilmusrifeen)

जो आपके रब के यहाँ से हद से गुज़रने वालों के लिए ख़ास निशानज़दा [35] हैं।" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अज़-ज़रियात आयत 34 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अज़-ज़ारियात तफ़सीर - आयत 34

"जो आपके रब के यहाँ से हद से गुज़रने वालों के लिए ख़ास निशानज़दा [35] हैं।""


[35] नाम-ब-नाम निशानज़दा पत्थर

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि उन पत्थरों पर 'मुसव्वमा' यानी ख़ास निशान लगे हुए थे; हर पत्थर पर उस मुजरिम का नाम दर्ज था जिसके सर पर वह गिरना था। कोई भी मुजरिम अल्लाह के इस बा-क़ायदा और ठीक निशाने वाले अज़ाब से बच नहीं सका।

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