कुरान - 51:43 सूरह अज़-ज़रियात अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

43
وَفِي ثَمُودَ إِذۡ قِيلَ لَهُمۡ تَمَتَّعُواْ حَتَّىٰ حِينٖ

Transliteration: (Wa fee Samooda iz qeela lahum tamatta''oo hattaa heen)

और समूद (की क़ौम) में भी (सबक़ है), जब उनसे कहा गया: "एक ख़ास वक़्त तक फ़ायदा उठा लो [49]!" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अज़-ज़रियात आयत 43 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अज़-ज़ारियात तफ़सीर - आयत 43

"और समूद (की क़ौम) में भी (सबक़ है), जब उनसे कहा गया: 'एक ख़ास वक़्त तक फ़ायदा उठा लो [49]!'"


[48] क़ौमे समूद की सरकशी

हज़रत सालेह (अलैहिस्सलाम) की क़ौम ने अल्लाह की ऊंटनी को बेरहमी से क़त्ल कर दिया और नबी की चेतावनी को ठुकरा दिया।


[49] तीन दिन की मुहलत और इल्मे ग़ैब

  • ऊंटनी को क़त्ल करने के बाद हज़रत सालेह ने फ़रमाया कि तुम्हें सिर्फ़ तीन दिन (बुध, जुमेरात और जुमा) की मुहलत है, सनीचर को अज़ाब आ जाएगा।
  • यह साबित करता है कि अल्लाह के मुक़र्रब अंबिया को अल्लाह तआला अज़ाब के ठीक वक़्त, दिन और जगह का इल्म अता फ़रमाता है।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now