कुरान - 51:47 सूरह अज़-ज़रियात अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

47
وَٱلسَّمَآءَ بَنَيۡنَٰهَا بِأَيۡيْدٖ وَإِنَّا لَمُوسِعُونَ

Transliteration: (Wassamaaa'a banainaa haa bi aydinw wa innaa lamoosi'oon)

और आसमान को हमने कु़व्वत व क़ुदरत से बनाया [53], और बेशक हम ही इसे वसीअ़ (फैलाने) वाले हैं! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अज़-ज़रियात आयत 47 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अज़-ज़ारियात तफ़सीर - आयत 47

"और आसमान को हमने कु़व्वत व क़ुदरत से बनाया [53], और बेशक हम ही इसे वसीअ़ (फैलाने) वाले हैं!"


[53] आसमान की अज़ीम तख़लीक़ और वुसअत

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि अल्लाह तआला ने आसमानों को अपनी असीम क़ुदरत से बिला-सुतून (बिना खंभों के) क़ायम फ़रमाया और वह कायनात को मुसलसल वुसअत व फैलाव अता फ़रमाने पर क़ादिर है।

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