कुरान - 51:49 सूरह अज़-ज़रियात अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

49
وَمِن كُلِّ شَيۡءٍ خَلَقۡنَا زَوۡجَيۡنِ لَعَلَّكُمۡ تَذَكَّرُونَ

Transliteration: (Wa min kulli shai'in khalaqnaa zawjaini la'allakum tazakkaroon)

और हमने हर चीज़ के जोड़े बनाए [55] ताकि तुम नसीहत व समझ हासिल करो [56]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अज़-ज़रियात आयत 49 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अज़-ज़ारियात तफ़सीर - आयत 49

"और हमने हर चीज़ के जोड़े बनाए [55] ताकि तुम नसीहत व समझ हासिल करो [56]।"


[55] कायनात में जोड़ों की तख़लीक़

अल्लाह तआला ने हर मख़लूक़ के जोड़े (ज़ौजन) बनाए: ज़मीन और आसमान, दिन और रात, नर और मादा, गर्मी और सर्दी, हयात और मौत, ईमान और कुफ़्र। सिर्फ़ अल्लाह की ज़ात ही वाहिद व यकता (ला-सानी) है जिसका कोई जोड़ या शरीक नहीं।


[56] नबातात व जमादात में नर-मादा का तसव्वुर

हज़रत मुफ़्ती साहब फ़रमाते हैं कि जदीद साइंस ने भी साबित किया है कि दरख़्तों और पौधों में भी नर व मादा होते हैं और हवाओं के ज़रिए जब उनका मिलाप होता है तो बेहतरीन फल पैदा होते हैं।

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