कुरान - 51:7 सूरह अज़-ज़रियात अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

7
وَٱلسَّمَآءِ ذَاتِ ٱلۡحُبُكِ

Transliteration: (Wassamaaa'i zaatil hubuk)

क़सम है रास्तों और ख़ूबसूरत बुनावट वाले आसमान [7] की! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अज़-ज़रियात आयत 7 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अज़-ज़ारियात तफ़सीर - आयत 7

"क़सम है रास्तों और ख़ूबसूरत बुनावट वाले आसमान [7] की!"


[7] आसमान की अज़मत और नुबुव्वत का आसमान

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि 'ज़ातुल हुबुक' से दो अज़ीम मफ़हूम मुराद हैं:

  • सितारों से सजा ज़ाहिरी आसमान: वह ज़ाहिरी आसमान जो जगमगाते सितारों, कहकशाओं और पुरपेच मदारों से आबो-ताब के साथ सजाया गया है, जिसमें कोई शिकन या ऐब नहीं।
  • नुबुव्वत का आसमान: हक़ीक़ी और रूहानी मफ़हूम में इससे मुराद हुज़ूर नबी-ए-करीम ﷺ की नुबुव्वत का आसमान है, जो आपके मुक़द्दस सहाबा-ए-किराम (रज़ियल्लाहु अन्हुम) जैसे हिदायत के सितारों से मुनव्वर और आरास्ता है, जिन्होंने उम्मत को सीधा रास्ता दिखाया।

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