कुरान - 51:5 सूरह अज़-ज़रियात अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

5
إِنَّمَا تُوعَدُونَ لَصَادِقٞ

Transliteration: (Innamaa too'adoona la-saadiq)

बेशक जिस चीज़ का तुमसे वादा किया जाता है [5], वह यक़ीनन सच है! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अज़-ज़रियात आयत 5 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अज़-ज़ारियात तफ़सीर - आयत 5

"बेशक जिस चीज़ का तुमसे वादा किया जाता है [5], वह यक़ीनन सच है!"


[5] वादे और वईद की हक़्क़ानियत

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि इन कुदरती निशानियों की क़सम खाकर अल्लाह तआला ने आख़िरत की सच्चाई को बयान फ़रमाया है:

  • क़यामत और हश्र का सच्चा वादा: मरने के बाद दोबारा ज़िंदा किए जाने, आमाल की जवाबदेही, नेकों के लिए जन्नत और गुनाहगारों के लिए दोज़ख़ का जो वादा दिया गया है, वह पूरी तरह सच और बरहक़ है।
  • कलाम-ए-इलाही की सच्चाई: अल्लाह और उसके प्यारे रसूल ﷺ ने जो कुछ भी इंसानियत को बताया है, उसमें झूठ या ख़िलाफ़-बयानी का कोई इम्कान नहीं; वह हर हाल में पूरा होकर रहेगा।
  • ग़ैब की ख़बरें: हुज़ूर नबी-ए-करीम ﷺ ने आने वाले ज़माने और आख़िरत के अहवाल की जो भी ख़बरें दी हैं, वे सब क़तई और यक़ीनी हैं।

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