Transliteration: (Hunaalikab tuliyal mu'minoona wa zulziloo zilzaalan shadeedaa)
"उस मक़ाम पर मोमिन आज़माए गए और बड़े सख़्त झिंझोड़ [26] (ज़लज़ले) से हिला दिए गए।"
यह आयत-ए-मुबारका जंगे ख़ंदक़ के दौरान अहले ईमान पर आने वाली शदीद आज़माइश की तरफ़ इशारा करती है। बाहर से दुश्मनों के लश्करों का मुहासिरा और अंदर से मदीना के यहूदियों की ग़द्दारी के सबब मुसलमान निहायत नाज़ुक हालात में थे। उनके महदूद अस्बाब व वसाइल, सामान की क़िल्लत, और दुश्मन की ज़बरदस्त ताक़त ऐसे अवामिल थे जिन्होंने दिलों को हिला कर रख दिया था।
इसके बावजूद हुज़ूर नबी-ए-अकरम ﷺ के जाँनिसार सहाबा ने उन संगीन हालात में भी बे-मिसाल सब्र और साबित-क़दमी का मुज़ाहरा फ़रमाया। इस सख़्त इम्तिहान में उनकी अटूट वफ़ादारी और इस्तक़ामत उनके कामिल ईमान और अक़ीदत का रौशन सुबूत बन गई।
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat