Transliteration: (Wa in kuntunna turidnal laaha wa Rasoolahoo wad Daaral Aakhirata fa innal laaha a'adda lil muhsinaati min kunna ajjran 'azeemaa)
"और अगर तुम अल्लाह, उसके रसूल और आख़िरत के घर की तलबगार हो [72], तो बेशक अल्लाह ने तुममें से नेकोकार बीवियों के लिए बहुत बड़ा अज्र तैयार कर रखा है [73]।"
यह आयत हुज़ूर ﷺ की मुक़द्दस बीवियों से ख़िताब फ़रमाती है और याद दिलाती है कि अगर उनकी हक़ीक़ी आरज़ू अल्लाह और उसके रसूल की क़ुर्बत और आख़िरत का दायमी घर है, तो उन्हें इस रूहानी अज़मत के साथ आने वाली आज़माइशों और सादगी को ख़ुशी से बर्दाश्त करना चाहिए।
अल्लाह तआला ने उनमें से जो नेक, साबिरा और साबित-क़दम हैं उनके लिए अज़ीम अज्र व सवाब तैयार कर रखा है। यह बदला सिर्फ़ इस दुनियावी ज़िंदगी तक महदूद नहीं बल्कि ख़ास तौर पर आख़िरत में है, जो मुख़लिस और फ़रमांबरदार मोमिनों के लिए दायमी नेमतों की बशारत है।
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