कुरान - 96:5 सूरह अल-अलाक़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

5
عَلَّمَ ٱلۡإِنسَٰنَ مَا لَمۡ يَعۡلَمۡ

Transliteration: ('Al lamal insaana ma lam y'alam )

5. उसने इंसान को वह सिखाया जो वह नहीं जानता था| [8] (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-अलाक़ आयत 5 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

5. उसने इंसान को वह सिखाया जो वह नहीं जानता था (He Taught Man What He Knew Not)

 

हज़रत आदम (अलैहि सलाम) को शिक्षा (Teaching Hazrat Adam AS)

अल्लाह तआला ने हज़रत आदम (अलैहि सलाम) को सभी चीजों के नाम सिखाए, जिससे उन्हें सृष्टि की अद्वितीय समझ मिली। यह इंसानियत की बौद्धिक यात्रा की शुरुआत थी।

नबी ﷺ को शिक्षा (Teaching the Holy Prophet ﷺ)

अल्लाह तआला ने नबी ﷺ को अतीत, वर्तमान और भविष्य का सम्पूर्ण ज्ञान दिया।
कुरआन मजीद, जो कि दिव्य ज्ञान का सर्वोत्तम स्रोत है, नबी ﷺ को सीधे अल्लाह तआला द्वारा सिखाया गया, बिना किसी दुनियावी शिक्षक या स्कूल के।
यह दिव्य शिक्षा नबी ﷺ की ज्ञान और बुद्धिमत्ता में अनन्य उच्चता को दर्शाती है।

मानवता के लिए ज्ञान (Knowledge for All Humanity)

अल्लाह तआला मानवता को ज्ञान के विभिन्न रूपों में प्रदान करता है:

  • चिकित्सा, विज्ञान, और धर्म (Medicine, Science, and Religion): कुछ को औपचारिक शिक्षा के माध्यम से, कुछ को अनुभव से, और कुछ को दिव्य प्रेरणा से सिखाया जाता है।
  • शिक्षा के विविध तरीके (Diverse Means of Learning): अल्लाह का मार्गदर्शन लोगों तक सीधे शिक्षा, शिक्षकों, या आध्यात्मिक अनुभवों के माध्यम से पहुँचता है।

अल्लाह के व्यक्तित्व और गुणों का ज्ञान (Knowledge of Allah’s Personality and Attributes)

अल्लाह अपने प्रिय बंदों को अपनी शख्सियत और गुणों का गहरा ज्ञान प्रदान करते हैं।
यह ज्ञान आध्यात्मिक मार्गदर्शन के माध्यम से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुँचता है:

  • शेख का रोल (Role of the Sheikh): एक धार्मिक शेख का चेहरा दिव्य ज्ञान का जीवित किताब बन जाता है।
  • मार्गदर्शक की दृष्टि (The Gaze of the Guide): एक मार्गदर्शक की आध्यात्मिक दृष्टि ज्ञान और समझ के स्थान के रूप में काम करती है।

ज्ञान पर मुख्य विचार (Key Reflections on Knowledge)

ज्ञान का दिव्य स्रोत (Divine Source of Knowledge)

सभी प्रकार का ज्ञान, चाहे वह आध्यात्मिक, सांसारिक, या वैज्ञानिक हो, अल्लाह से उत्पन्न होता है।

नबियों और आध्यात्मिक मार्गदर्शकों की भूमिका (The Role of Prophets and Spiritual Guides)

नबी, विशेष रूप से नबी ﷺ, दिव्य ज्ञान के प्रमुख चैनल होते हैं।
संत और आध्यात्मिक मार्गदर्शक मध्यस्थ के रूप में कार्य करते हैं, अपने अनुयायियों के साथ दिव्य ज्ञान साझा करते हैं।

सीखने का आशीर्वाद (The Blessing of Learning)

ज्ञान एक दिव्य उपहार है, और इसे प्राप्त करना इबादत का एक रूप है।
सीखना केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन के सभी पहलुओं में फैला हुआ है, जो अल्लाह की बुद्धिमत्ता की विशालता को दर्शाता है।

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