Transliteration: (Wa in tuti' aksara man fil ardi yudillooka 'an sabeelil laah; iny yattabi'oona illaz zanna wa in hum illaa yakhrusoon)
"तुम्हारे रब का क़ौल" से मुराद या तो वह फ़ैसला है जो अल्लाह तआला ने मुसलमानों और काफ़िरों के बीच किया, या फिर इससे तमाम आसमानी किताबें — जिनमें क़ुरआन भी शामिल है — मुराद हैं। हर हालत में मक़सद ये है कि अल्लाह का क़ौल हक़ और इंसाफ़ में कामिल है।
इसका मतलब ये है कि क़ुरआन मजीद हक़ीक़तन सच्ची किताब है और क़ियामत तक कोई इंसान इसे बदल नहीं सकता। ये आयत नस्क़ (abrogation) के बारे में नहीं है, क्योंकि कोई शख़्स किसी आयत को बदलने का इख़्तियार नहीं रखता; नस्क़ सिर्फ़ अल्लाह के हुक्म से होता है। ये उस डॉक्टर की मिसाल की तरह है जो मरीज़ की हालत देखकर दवा बदल देता है, लेकिन अगर मरीज़ अपनी तरफ़ से दवा बदल दे तो ये नुकसानदेह और नाजायज़ होगा।
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat