कुरान - 6:117 सूरह अल-अनाम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

117
إِنَّ رَبَّكَ هُوَ أَعۡلَمُ مَن يَضِلُّ عَن سَبِيلِهِۦۖ وَهُوَ أَعۡلَمُ بِٱلۡمُهۡتَدِينَ

Transliteration: (Inna rabbaka Huwa a'lamu mai yadillu 'an sabeelihee wa Huwa a'lamu bilmuhtadeen)

तुम्हारा रब भली-भांति जानता है [256], कौन उसकी राह से भटक गया है, और वह भली-भांति जानता है कौन सीधा चलने वाले हैं। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-अनाम आयत 117 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा अल-अनआम – आयत 117 की तफ़्सीर

✅ [256] अल्लाह का ज्ञान और बख्शी हुई समझ

अल्लाह जानता है कि कौन गुमराह है और कौन सीधा रास्ता अपनाने वाला है। उसकी मर्जी से कुछ प्यारे बंदों को भी ग़ैब का ज्ञान दिया जाता है, जैसे: "और वे अपने उन भाइयों की खुशी मना रहे हैं जो उनके पास अभी तक नहीं पहुंचे" [3:170]। इसी तरह जन्नत की हूरें रूह की वापसी की घोषणा करती हैं और रसूलुल्लाह ﷺ ने अबू बक्र (रज़ि.) को जन्नत का आदमी बताया — यह इस बात का प्रमाण है कि उन्हें मुक़द्दर का इल्म दिया गया था।

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