Transliteration: (Wa maa lakum allaa ta'kuloo mimmaa zukirasmul laahi 'alaihi wa qad fassala lakum maa harrama 'alaikum illaa mad turirtum ilaih; wa inna kaseeral la yudilloona bi ahwaaa'ihim bighairi 'ilm; inna Rabbaka Huwa a'lamu bilmu'tadeen)
:
जो जानवर अल्लाह का नाम लेकर ज़बह़ किया गया हो, वह हलाल है, चाहे वह पहले किसी रिवाज जैसे "बहीरा" या "साइबा" में शामिल रहा हो। जो जानवर बुतों के नाम पर छोड़े गए हों, वे हराम हैं, लेकिन अगर उन्हें अल्लाह का नाम लेकर ज़बह़ किया जाए, जैसे ग्यारहवीं शरीफ़ पर, तो वह हलाल और मुबारक है।
इस्लामी शरीअत ने सिर्फ़ हराम चीज़ों को साफ़-साफ़ बयान किया है, और जो चीज़ स्पष्ट रूप से हराम न बताई गई हो, वह हलाल मानी जाती है। अल्लाह का फ़रमान है: "मुझे वह चीज़ नहीं मिलती जो मुझे नाज़िल की गई किताब में हराम हो" [6:145]।
अगर जान बचाने की नौबत हो तो हराम मांस खाना जायज़ है, लेकिन सिर्फ़ उतना ही जितना ज़रूरी हो। यह शरीअत की रहमत और आसानी को बयान करता है।
कुछ लोग ग़लत फ़ैसले देते हैं—जैसे बुतों के नाम का मांस हलाल कहना और अल्लाह के नाम पर ज़बह़ किए गए जानवर को हराम बताना। ऐसे लोग नफ़्स और ख्वाहिशात के मुताबिक़ फ़ैसले देकर लोगों को गुमराह करते हैं। यह आयत ऐसे गुमराह आलिमों के लिए सख़्त चेतावनी है।
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat