कुरान - 6:120 सूरह अल-अनाम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

120
وَذَرُواْ ظَٰهِرَ ٱلۡإِثۡمِ وَبَاطِنَهُۥٓۚ إِنَّ ٱلَّذِينَ يَكۡسِبُونَ ٱلۡإِثۡمَ سَيُجۡزَوۡنَ بِمَا كَانُواْ يَقۡتَرِفُونَ

Transliteration: (Wa zaroo zaahiral ismi wa baatinah; innal lazeena yaksiboonal ismaa sa yujzawna bimaa kaanoo yaqtarifoon)

और छोड़ दो ज़ाहिरी और छुपे हुए गुनाहों को [264]। निस्संदेह, जो लोग गुनाह कमाते हैं, वे जल्द ही उसकी कमाई की सज़ा पाएंगे [265]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-अनाम आयत 120 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा अल-अनआम – आयत 120 की तफ़्सीर

✅ [264] ज़ाहिर और बातिन दोनों गुनाहों से बचना

यह हुक्म ऐसे तमाम गुनाहों को छोड़ने का है जो खुले आम किए जाएं या छुपकर, चाहे वह हाथ-पाँव के अमल हों या दिल, नीयत और ख्वाहिश के गुनाह। हर हालत में, जाहिर और गुप्त, अल्लाह का डर होना ज़रूरी है।

✅ [265] गुनाहगारों के लिए अंजाम

यह चेतावनी है कि गुनाह पर डटे रहने वालों को जल्द सज़ा मिलेगी—चाहे वह बद्र के मैदान में हो, मौत के वक़्त, या क़यामत के दिन। जो गुनाह जानबूझकर किए जाएं, उनकी सज़ा से कोई नहीं बच सकता।

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