कुरान - 6:126 सूरह अल-अनाम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

126
وَهَٰذَا صِرَٰطُ رَبِّكَ مُسۡتَقِيمٗاۗ قَدۡ فَصَّلۡنَا ٱلۡأٓيَٰتِ لِقَوۡمٖ يَذَّكَّرُونَ

Transliteration: (Wa haazaa siraatu Rabbika Mustaqeemaa; qad fassalnal Aayaati liqawminy yazzakkaroon)

और यही तुम्हारे रब का सीधा रास्ता [281] है। हमने नसीहत लेने वालों के लिए अपनी निशानियों को तफ़्सील से बयान कर दिया है। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-अनाम आयत 126 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा अल-अनआम – आयत 126 की तफ़्सीर

✅ [281] सीधा रास्ता: शरीअत और तरीक़त

"सीधा रास्ता" से मुराद या तो क़ुरआन-ए-मजीद है या फिर हज़रत मुहम्मद ﷺ का तरीका, जो सीधे अल्लाह तक ले जाता है — साफ़, चौड़ा और हर किसी के लिए आसान, जैसे एक सीधा रास्ता मुसाफ़िर को मंज़िल तक पहुँचा देता है।
यह रास्ता शरीअत कहलाता है, जो बाहरी कानून है और हर ईमान वाला आसानी से उस पर चल सकता है।
तरीक़त भी अल्लाह तक पहुँचने का रास्ता है, लेकिन वह तंग, पेचीदा और सिर्फ़ रूहानी इल्म रखने वालों के लिए है।
शरीअत मुख्य सड़क है, जबकि तरीक़त अंदरूनी गलियाँ हैं। शरीअत से मंज़िल तक धीरे-धीरे पहुँचा जाता है, और तरीक़त से जल्दी पहुँचा जाता है।
शरीअत आम ईमान वालों के लिए है, और तरीक़त ख़ास रूहानी तरक़्क़ी करने वालों के लिए।

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