कुरान - 6:138 सूरह अल-अनाम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

138
وَقَالُواْ هَٰذِهِۦٓ أَنۡعَٰمٞ وَحَرۡثٌ حِجۡرٞ لَّا يَطۡعَمُهَآ إِلَّا مَن نَّشَآءُ بِزَعۡمِهِمۡ وَأَنۡعَٰمٌ حُرِّمَتۡ ظُهُورُهَا وَأَنۡعَٰمٞ لَّا يَذۡكُرُونَ ٱسۡمَ ٱللَّهِ عَلَيۡهَا ٱفۡتِرَآءً عَلَيۡهِۚ سَيَجۡزِيهِم بِمَا كَانُواْ يَفۡتَرُونَ

Transliteration: (Wa qaaloo haaziheee an'aamunw wa harsun hijrun laa yat'amuhaaa illaa man nashaaa'u biza'mihim wa an'aamun hurrimat zuhooruhaa wa an'aamul laa yazkuroonas mal laahi 'alaihaf tiraaa'an 'alaiyyh; sa yajzeehim bimaa kaanoo yaftaroon)

और उन्होंने कहा: ये चारागाह और फ़सलें हराम हैं [305], इन्हें वही खा सकता है जिसे हम चाहें। यह सब उनकी मनगढ़ंत बातें हैं [306]। और कुछ मवेशी ऐसे हैं जिनकी सवारी हराम कर दी गई [307], और कुछ मवेशी ऐसे हैं जिन पर वे ज़बह करते वक़्त अल्लाह का नाम नहीं लेते। यह सब उन्होंने अल्लाह पर झूठ बाँधने के लिए किया [308]। जल्द ही अल्लाह उन्हें उनकी बनावटी बातों का बदला देगा। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-अनाम आयत 138 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा अल-अनआम – आयत 138 की तफ़्सीर

✅ [305] मुशरिक़ों के झूठे हराम किए हुए जानवर

मुशरिक़ लोग कहते कि कुछ खेती और मवेशी हराम हैं, और उनमें से सिर्फ़ वही खा सकते हैं जिन्हें वे खुद पसंद करें।
अल्लाह ने साफ़ कर दिया कि ये उनकी बनाई हुई बातें हैं, अल्लाह ने इन्हें हराम नहीं किया।

✅ [306] बटवारे की ग़लत रस्में

वे अपनी फ़सलें और माल बुतों के नाम पर वक़्फ़ कर देते, और उसे सिर्फ़ मंदिर वालों और बुतपरस्तों में बाँटते।
यह सब उनका ख़याली अंधविश्वास था, जिसका हक़ीक़त में कोई दलील नहीं।

✅ [307] झूठे तौर पर मुक़द्दस बनाए गए जानवर

उन्होंने कुछ जानवरों को मुक़द्दस ठहराया, जैसे: बहीरा, साएबा और हामी –
जिन्हें बुतों के नाम पर छोड़ दिया जाता, न उन पर सवारी करते और न काम में लेते।
यह बिल्कुल बेबुनियाद और शिर्की रिवायत थी।

✅ [308] अल्लाह पर झूठ बाँधना

उनके झूठ में यह सब शामिल था:

  • फ़सलें और मवेशी बुतों के नाम पर बाँटना
  • औरतों को खाने से रोकना, सिर्फ़ मर्दों को देना
  • जानवरों को बुतों के नाम पर छोड़ देना
  • ज़बह करते वक़्त अल्लाह का नाम न लेना (जबकि अल्लाह का नाम लेना लाज़िमी है, सुरह बक़रा 2:173)

ये सब काम अल्लाह पर झूठ बाँधने के बराबर हैं।
अल्लाह ने वादा किया कि वह उन्हें इन मनगढ़ंत बातों की सज़ा देगा।

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