कुरान - 6:139 सूरह अल-अनाम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

139
وَقَالُواْ مَا فِي بُطُونِ هَٰذِهِ ٱلۡأَنۡعَٰمِ خَالِصَةٞ لِّذُكُورِنَا وَمُحَرَّمٌ عَلَىٰٓ أَزۡوَٰجِنَاۖ وَإِن يَكُن مَّيۡتَةٗ فَهُمۡ فِيهِ شُرَكَآءُۚ سَيَجۡزِيهِمۡ وَصۡفَهُمۡۚ إِنَّهُۥ حَكِيمٌ عَلِيمٞ

Transliteration: (Wa qaaloo maa fee butooni haazihil an'aami khaalisatul lizukoorinaa wa muharramun 'alaaa azwaajinaa wa iny yakum maitatan fahum feehi shurakaaa'; sa yajzeehim wasfahum; innahoo Hakeemun 'Aleem)

और वे कहते हैं: इन मवेशियों के पेट में जो कुछ है, वह सिर्फ़ हमारे मर्दों के लिए है और हमारी औरतों पर हराम है। और अगर वह मरा हुआ पैदा हो तो उसमें सब साझेदार हैं [309]। जल्द ही अल्लाह उन्हें उनके कामों का बदला देगा। निश्चय ही वह हिकमत वाला और सब कुछ जानने वाला है। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-अनाम आयत 139 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा अल-अनआम – आयत 139 की तफ़्सीर

✅ [309] मुशरिक़ों की औरतों पर ज़ुल्म वाली रस्म

अरब के मुशरिक़ों का यह अंधविश्वास था कि अगर मुक़द्दस ठहराए गए ऊँट (जैसे बहीरा या साएबा) का बच्चा ज़िंदा पैदा हो तो उसका गोश्त और दूध सिर्फ़ मर्दों के लिए होगा, और औरतों पर हराम होगा।
लेकिन अगर वह मरा हुआ पैदा हो तो उसमें मर्द और औरत दोनों को हिस्सा मिल सकता था।

यह ग़ैर-इंसाफ़ी औरतों पर ज़ुल्म और अल्लाह पर झूठ बाँधना था।
अल्लाह ने फ़रमाया कि वह इन्हें इन मनगढ़ंत बातों का अंजाम दिखाएगा, क्योंकि वही हिकमत वाला और सब कुछ जानने वाला है।

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