कुरान - 6:161 सूरह अल-अनाम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

161
قُلۡ إِنَّنِي هَدَىٰنِي رَبِّيٓ إِلَىٰ صِرَٰطٖ مُّسۡتَقِيمٖ دِينٗا قِيَمٗا مِّلَّةَ إِبۡرَٰهِيمَ حَنِيفٗاۚ وَمَا كَانَ مِنَ ٱلۡمُشۡرِكِينَ

Transliteration: (Qul innanee hadaanee Rabbeee ilaa Siraatim Mustaqeemin deenan qiyamam Millata Ibraaheema haneefaa; wa maa kaana minal mushrikeen)

आप कह दीजिए: बेशक, मेरे रब ने मुझे सीधा रास्ता दिखाया है [384] — दीन-ए-क़ायम (सच्चा दीन), हज़रत इबराहीम का तरीक़ा, जो हर झूठ से किनारे रहने वाले थे और मुषरिक न थे [385]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-अनाम आयत 161 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा अल-अनआम – आयत 161 की तफ़्सीर

✅ [384] नबी ﷺ को सीधा रास्ता दिखाया जाना

  • इस आयत में तस्दीक़ है कि नबी ﷺ को ख़ुद अल्लाह ने सीधा रास्ता दिखाया।
  • यह रास्ता ईमान, नेक अमल और ख़ालिस बंदगी का मुकम्मल निज़ाम है।
  • नबी ﷺ कभी गुमराह न हुए, बल्के हमेशा अल्लाह की हिफ़ाज़त और हिदायत में रहे।
  • आप ﷺ किसी इंसान के ताबे नहीं, बल्कि ख़ुद रहनुमा और उम्मतों के लिए पेशवा हैं।

✅ [385] हज़रत इबराहीम की तौहीद

  • हज़रत इबराहीम (अलैहिस्सलाम) हर किस्म के शिर्क से पाक थे।
  • यह ऐलान मक्का के मुशरिकों के दावों को झुठलाने के लिए है, जो अपने बुत-परस्ती को इबराहीम से जोड़ते थे।
  • अल्लाह ने अपने नबियों की इज़्ज़त और पाकीज़गी का ऐलान किया।
  • नबियों की इज़्ज़त की हिफ़ाज़त करना और उनके दीन की पैरवी करना, अल्लाह के नज़दीक बहुत बड़ा सवाब है।

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