Transliteration: (Wa 'indahoo mafaatihul ghaibi laa ya'lamuhaaa illaa Hoo; wa ya'lamu maa fil barri walbahr; wa maa tasqutu minw waraqatin illaa ya'lamuhaa wa laa habbatin fee zulumaatil ardi wa laa ratbinw wa laa yaabisin illaa fee Kitaabim Mubeen)
अगर मामला मेरे हाथ में होता, तो दोषियों का सफ़ाया हो चुका होता
काफ़िर लोग सज़ा की जल्दी मचा रहे थे और नबी ﷺ से माँग रहे थे कि अगर वह सच्चे हैं तो तुरंत अज़ाब ले आएं। इस आयत में जवाब दिया गया कि अगर यह अधिकार नबी ﷺ के पास होता, तो ज़मीन उनके दुश्मनों से पाक़ हो चुकी होती और फ़ैसला फ़ौरन हो जाता। लेकिन ऐसे मामले पूरी तरह अल्लाह के हाथ में हैं। नबी ﷺ बस उसके हुक्म के इंतज़ार में रहते हैं। अल्लाह हर ज़ालिम को पूरी तरह जानता है और उसका इंसाफ़ बेवजह देर नहीं करता।
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat