कुरान - 6:72 सूरह अल-अनाम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

72
وَأَنۡ أَقِيمُواْ ٱلصَّلَوٰةَ وَٱتَّقُوهُۚ وَهُوَ ٱلَّذِيٓ إِلَيۡهِ تُحۡشَرُونَ

Transliteration: (Wa an aqeemus Salaata wattaqooh; wa Huwal lazeee ilaihi tuhsharoon)

और यह कि नमाज़ क़ायम रखो और उससे डरो; और वही है जिसकी तरफ़ तुम सब इकट्ठा किए जाओगे। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-अनाम आयत 72 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-अनआम - आयत 72

✅ नमाज़ की पाबंदी और तक़्वा

अल्लाह की फ़रमांबरदारी का बुनियादी तकाज़ा यह है कि नमाज़ को पूरी पाबंदी से अदा किया जाए और दिल में उसका ख़ौफ़ (तक़्वा) रखा जाए, क्योंकि बिल-आख़िर सबको उसी की अदालत में पेश होना है।

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