कुरान - 6:73 सूरह अल-अनाम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

73
وَهُوَ ٱلَّذِي خَلَقَ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضَ بِٱلۡحَقِّۖ وَيَوۡمَ يَقُولُ كُن فَيَكُونُۚ قَوۡلُهُ ٱلۡحَقُّۚ وَلَهُ ٱلۡمُلۡكُ يَوۡمَ يُنفَخُ فِي ٱلصُّورِۚ عَٰلِمُ ٱلۡغَيۡبِ وَٱلشَّهَٰدَةِۚ وَهُوَ ٱلۡحَكِيمُ ٱلۡخَبِيرُ

Transliteration: (Wa Huwal lazee khalaqas samaawaati wal arda bilhaqq; wa Yawma yaqoolu kun fa yakoon; Qawluhul haqq; wa lahul mulku Yawma yunfakhu fis Soor; 'Aalimul Ghaibi wash shahaadah; wa Huwal Hakeemul Khabeer)

और वही है जिसने आसमानों और ज़मीन को हक़ के साथ पैदा किया। और जिस दिन वह कहेगा "हो जा" तो वह हो जाएगी [146]। उसका कहना हक़ है, और उसी की बादशाही होगी जिस दिन सूर फूँका जाएगा [147]। वह ग़ैब और हाज़िर को जानने वाला है, और वह हिकमत वाला, ख़बर रखने वाला है [148]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-अनाम आयत 73 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरा अल-अनआम – आयत 73

✅ [146] सारी मख़लूक़ हिकमत और मक़सद के साथ पैदा हुई

अल्लाह ने आसमान और ज़मीन को बिना मक़सद नहीं, बल्कि हिकमत और मुकम्मल तदबीर के साथ पैदा किया। उसका हुक्म "हो जा" किसी लफ़्ज़ी आवाज़ का नाम नहीं, बल्कि उसका इरादा है, जिससे कोई चीज़ फ़ौरन पैदा हो जाती है।

✅ [147] क़ियामत का हुक्म फ़ौरन लागू होगा

दुनिया की ज़िंदगी में हर चीज़ का धीरे-धीरे होना तय है, मगर क़ियामत के दिन सिर्फ़ अल्लाह का इरादा काफी होगा और सूर फूँकते ही सब फ़ौरन ज़िंदा कर दिए जाएँगे।

✅ [148] उस दिन असली बादशाही सिर्फ़ अल्लाह की होगी

जब सूर दुबारा फूँका जाएगा, सबको पुनः ज़िंदा किया जाएगा, और दुनिया के सारे हुक्मरान बेअसर हो जाएँगे। असली हुकूमत सिर्फ़ अल्लाह की होगी, जो ग़ैब और हाज़िर दोनों को पूरा जानने वाला और हिकमत से हुक्म देने वाला है।

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