कुरान - 21:21 सूरह अल-अंबिया अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

21
أَمِ ٱتَّخَذُوٓاْ ءَالِهَةٗ مِّنَ ٱلۡأَرۡضِ هُمۡ يُنشِرُونَ

Transliteration: (Amit takhazooo aalihatam minal ardi hum yunshiroon)

21. क्या उन्होंने ज़मीन (की चीज़ों) में से ऐसे माबूद बना लिए हैं जो (मुर्दों को) ज़िन्दा करके उठा सकते हैं? (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-अंबिया आयत 21 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-अंबिया — आयत 21 की तफ़सीर

"क्या उन्होंने ज़मीन (की चीज़ों) में से ऐसे माबूद बना लिए हैं जो (मुर्दों को) ज़िन्दा करके उठा सकते हैं?"

इस आयते करीमा में मुशरिकों के झूठे माबूदों और बुतों की बेबसी को वाज़ेह फ़रमाया गया है।

वे जिन मूर्तियों, पत्थरों और मिट्टी की चीज़ों को पूजते हैं, क्या उनमें यह ताक़त है कि वे किसी बे-जान को जान बख़्श सकें या क़ब्रों से मुर्दों को दोबारा ज़िन्दा करके उठा सकें? ज़िन्दगी और मौत का मालिक सिर्फ़ और सिर्फ़ अल्लाह तआला है, लिहाज़ा इबादत का मुस्तहिक़ भी वही वाहिद रब है।

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